सोमवार, 11 जनवरी 2016

शब्दों के सौदागर


1-

जिनको खोज रहे हो 'वेद' ,
वो यहीं तुम्हारे पास हैं ।

विविध विधा मे पारंगत ,
सब काव्यता के दास हैं ।

'शब्दों के सौदागर' बसते यहां,
यह बस्ती ही कुछ खास है ।

अचरज है जल में रहके भी,
मछली को प्यास है ।।

2-

ऐ 'शब्दों के सौदागर'
गर सौदा है मंजूर तुझे ;

कर सौदा दास हूं मै ,
नहीं शब्दों का आभास मुझे ।

शब्दकोष के शब्द से वंचित अपवंचित चितचोर नहीं ;

है मंजूर मुझे भी पर ,
निःशब्द मै , शब्दसराबोर नही ।।

        "वेद"

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